एमडीडीए के अनुसार, दरबार साहिब प्रबंधन से वार्ता हो गई है। बहुमंजिला पार्किंग में एक तल दरबार साहिब को दिया जाएगा। शेष पार्किंग का प्रयोग आमजन कर सकेंगे।

पुरानी तहसील पर पार्किंग कौन बनाएगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण पिछले डेढ़ साल से पुरानी तहसील में बहुमंजिला पार्किंग बनाने की तैयारी कर रहा है। पार्किंग निर्माण के लिए 144 करोड़ में निर्माण कंपनी से करार किया जा चुका है।
केंद्र सरकार 15 करोड़ रुपये भी जारी कर चुकी है। उधर दरबार साहिब का कहना है, इस परिसर में ऑटोमेटेड मल्टी स्टोरी पार्किंग ट्रस्ट बनवाएगा। एमडीडीए के अनुसार, दरबार साहिब प्रबंधन से वार्ता हो गई है। बहुमंजिला पार्किंग में एक तल दरबार साहिब को दिया जाएगा। शेष पार्किंग का प्रयोग आमजन कर सकेंगे।
दरअसल शहर में वाहन पार्किंग की समस्या के निस्तारण को देखते हुए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण शहर में कई पार्किंग बनवा रहा है। पुरानी तहसील में भी एमडीडीए स्वचालित बहुमंजिला पार्किंग बनाने की तैयारी में है। एमडीडीए के अनुसार डीएम कार्यालय से इस जमीन पर पार्किंग बनाने के लिए एनओसी भी मिल गई है, लेकिन हाल ही में दरबार साहिब ने कहा कि पार्किंग वह स्वयं बनाएगा। इसके बाद से पार्किंग पर मामला फंस गया है। ए
मडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, पुरानी तहसील पार्किंग निर्माण में कोई अवरोध नहीं है। ट्रस्ट संचालकों से वार्ता की गई है, आपसी सहमति के आधार पर एमडीडीए पार्किंग बनाएगा। इसमें एक मंजिल ट्रस्ट को दी जाएगी। दरबार साहिब के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि विकास प्राधिकरण से दरबार साहिब की वार्ता व सहमति की जानकारी नहीं है। ट्रस्ट की ओर से जानकारी आते ही उसे सार्वजनिक किया जाएगा। अब तक की जानकारी के अनुसार पार्किंग का निर्माण ट्रस्ट ही कराएगा।
बोला एमडीडीए, 1095 वाहनों की होगी पार्किंग
एमडीडीए के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि पुरानी तहसील में आठ मंजिला पार्किंग बनाई जाएगी। इसमें 1095 चौपहिया वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। पार्किंग के ऊपर तहसील भवन भी बनाया जाएगा। पार्किंग के लिए पुरानी तहसील परिसर का 7372 वर्ग मीटर क्षेत्र आवंटित किया गया है। इससे पलटन बाजार, रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में पार्किंग की समस्या का स्थायी निदान हो सकेगा।