दलेर मेहंदी प्रकरण पर गरमाई सियासत, मंत्री बोले- समझौता नहीं करूंगा

दलेर मेहंदी प्रकरण पर गरमाई सियासत, मंत्री बोले- समझौता नहीं करूंगा

दलेर मेहंदी प्रकरण पर गरमाई सियासत, मंत्री बोले- समझौता नहीं करूंगा

देहरादून। उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। इस मामले में मंत्री सुबोध उनियाल ने एक बार फिर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उन्हें माफी मांगने के लिए कहा गया तो वह माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।

मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष पहले से ही इस मामले को लेकर मंत्री से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग कर रहा है।

कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, बीते 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में मशहूर गायक दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उनकी प्रस्तुति को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर की थी।

मंत्री ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि दर्शक उनका इंतजार कर रहे हैं और कार्यक्रम में उनसे बेहतर प्रस्तुति की उम्मीद थी। इस दौरान दोनों के बीच मंच पर हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

कलाकारों की प्रतिक्रिया से बढ़ा मामला

घटना के बाद गायक मीका सिंह सहित मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ लोगों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। इसके बाद मामला केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्रकरण को लेकर मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने आपसी संवाद के माध्यम से गलतफहमियां दूर करने की बात कही थी।

माफी पर मंत्री का साफ इनकार

मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो इसकी जानकारी आयोजकों और दर्शकों को पहले दी जानी चाहिए थी। उन्होंने अपनी ओर से माफी मांगने की बात को भी खारिज किया है।

अब एक कार्यक्रम में दिए गए उनके ताजा बयान ने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। मंत्री ने साफ कहा कि आत्मसम्मान उनके लिए महत्वपूर्ण है और वह इस मामले में माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।

फिलहाल दलेर मेहंदी प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद क्या नया मोड़ लेता है।

देहरादून। उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। इस मामले में मंत्री सुबोध उनियाल ने एक बार फिर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उन्हें माफी मांगने के लिए कहा गया तो वह माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।

मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष पहले से ही इस मामले को लेकर मंत्री से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग कर रहा है।

कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, बीते 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में मशहूर गायक दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उनकी प्रस्तुति को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर की थी।

मंत्री ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि दर्शक उनका इंतजार कर रहे हैं और कार्यक्रम में उनसे बेहतर प्रस्तुति की उम्मीद थी। इस दौरान दोनों के बीच मंच पर हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

कलाकारों की प्रतिक्रिया से बढ़ा मामला

घटना के बाद गायक मीका सिंह सहित मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ लोगों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। इसके बाद मामला केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्रकरण को लेकर मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने आपसी संवाद के माध्यम से गलतफहमियां दूर करने की बात कही थी।

माफी पर मंत्री का साफ इनकार

मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो इसकी जानकारी आयोजकों और दर्शकों को पहले दी जानी चाहिए थी। उन्होंने अपनी ओर से माफी मांगने की बात को भी खारिज किया है।

अब एक कार्यक्रम में दिए गए उनके ताजा बयान ने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। मंत्री ने साफ कहा कि आत्मसम्मान उनके लिए महत्वपूर्ण है और वह इस मामले में माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।

फिलहाल दलेर मेहंदी प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद क्या नया मोड़ लेता है।

dehradun dehradun उत्तराखण्ड राजनीति