दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच टकराव: ACP के प्रदर्शन पर सियासत तेज, विपक्ष का सवाल- क्या अब लाठीचार्ज होगा?

दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच टकराव: ACP के प्रदर्शन पर सियासत तेज, विपक्ष का सवाल- क्या अब लाठीचार्ज होगा?

दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच टकराव: ACP के प्रदर्शन पर सियासत तेज, विपक्ष का सवाल- क्या अब लाठीचार्ज होगा?

Delhi Police Protest Out Side PHQ:  दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने हाल ही में दिल्ली में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शाहदरा में वकीलों से झड़प के बाद दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में था। जिसके बाद विपक्ष ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। विपक्ष ने पूछा कि क्या अब अपने ही कर्मियों पर लाठी चलाई जाएगी। 

शाहदरा में वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के फैसले के खिलाफ सोमवार को दिल्ली पुलिस के जवानों ने मुख्यालय के बाहर विरोध जताया। इस प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों और युवा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए। उनकी मांग थी कि सहायक पुलिस आयुक्त मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार को दोबारा उनके पुराने पदों पर तैनात किया जाए। गौरतलब है कि दोनों अधिकारियों का तबादला 28 अक्टूबर को किया गया था, जिसके विरोध में पुलिसकर्मियों ने यह प्रदर्शन किया।

23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुई कहासुनी और झड़प के बाद दोनों अधिकारियों का तबादला किया गया था। इस घटना में अधिवक्ता ललित बंसल के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी। वकीलों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने और उनके साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। साथ ही, मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली की जिला अदालतों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। हालांकि, दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के फैसले के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी।23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुई कहासुनी और झड़प के बाद दोनों अधिकारियों का तबादला किया गया था। इस घटना में अधिवक्ता ललित बंसल के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी। वकीलों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने और उनके साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। साथ ही, मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली की जिला अदालतों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। हालांकि, दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर के फैसले के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी।

विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इस पूरे मामले में पुलिस के रवैये को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज किया जाएगा या उनसे शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाया जाएगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि आखिर किस पुलिस गुट को लाठियों का सामना करना पड़ेगा और किसे हिरासत शिविर भेजा जाएगा।

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